Bihar Board Class 10 जित-जित मैं निरखत हूँ Objective Questions

Stay connected with BiharBoardBook

Get exam updates, new PDFs, and important notices on the channels students already use.

Bihar Board Class 10 Hindi: जित-जित मैं निरखत हूँ

Bihar Board Class 10 Hindi (Kritika) के पाठ 'जित-जित मैं निरखत हूँ' के लिए अभ्यास प्रश्न यहाँ उपलब्ध हैं। यह सामग्री परीक्षा की तैयारी में सहायक है।

इस पृष्ठ पर आपको क्या मिलेगा?

इस भाग में आपको पाठ से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) मिलेंगे। ये प्रश्न पाठ के लेखक, केंद्रीय भाव, महत्वपूर्ण पंक्तियों और शब्दावली पर आधारित हैं।

नीचे दिए गए लिंक्स से आप Objective Questions के अन्य संसाधनों तक पहुँच सकते हैं। अपनी कक्षा, विषय और अध्याय का चयन करके अभ्यास जारी रखें।

Browse Bihar Board Class 10th जित-जित मैं निरखत हूँ Objective Questions by Chapter

Select a chapter from the options below to access Bihar Board Class 10th जित-जित मैं निरखत हूँ Objective Questions for that specific chapter. Each chapter page contains all available questions and study materials.

जित-जित मैं निरखत हूँ: पाठ्य सामग्री एवं अभ्यास

हज़ारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित यह पाठ कृतिका (भाग-2) का प्रथम अध्याय है। इस पाठ में कवि ने प्रकृति और जीवन में निहित सूक्ष्म सुंदरता को देखने-परखने की बात कही है। बिहार बोर्ड कक्षा 10 की हिंदी परीक्षा में इस पाठ से वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं।

पाठ से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों पर ध्यान दें। ये प्रश्न पाठ की समझ को परखते हैं।

लेखक परिचय से संबंधित:

  • ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ पाठ के रचयिता कौन हैं?
  • हज़ारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म कब हुआ था?
  • द्विवेदी जी की एक प्रमुख रचना का नाम बताइए।

पाठ के भाव पक्ष पर आधारित प्रश्न

पाठ का मूल भाव समझना आवश्यक है।

  • कवि ने ‘निरखत हूँ’ शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया है?
  • इस पाठ का केंद्रीय भाव क्या है?
  • ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ – इस पंक्ति में कवि क्या कहना चाहता है?

व्याकरण एवं शब्द भंडार

परीक्षा में शब्द ज्ञान से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाते हैं।

कुछ उदाहरण:

  • ‘विस्मय’ शब्द का विलोम शब्द क्या होगा?
  • ‘आनंद’ के लिए प्रयुक्त एक पर्यायवाची शब्द बताइए।
  • ‘जितना’ शब्द में किस कारक की विभक्ति का प्रयोग हुआ है?

अभ्यास क्यों जरूरी है?

बिहार बोर्ड परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का एक निश्चित अंक होता है। निरंतर अभ्यास से प्रश्नों को पहचानने की गति और सटीकता बढ़ती है। पाठ को अच्छी तरह पढ़ने के बाद इन प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।

पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने से भी परीक्षा पैटर्न का पता चलता है। गलत हुए प्रश्नों को चिह्नित करके उन विषयों का दोबारा अध्ययन करें।

याद रखें, केवल रटने से काम नहीं चलेगा। पाठ को समझिए और फिर प्रश्नों का अभ्यास कीजिए। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर पाएंगे।