Class 10 History प्रेस-संस्कृति एवं राष्ट्रवाद Objective Questions Bihar Board
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बिहार बोर्ड कक्षा 10 के इतिहास के चौथे अध्याय 'प्रेस-संस्कृति एवं राष्ट्रवाद' के वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) यहाँ उपलब्ध हैं। यह अध्याय भारतीय राष्ट्रवाद के विकास में प्रेस की भूमिका को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
अध्याय के मुख्य बिंदु
इस अध्याय में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट 1878, प्रमुख समाचार पत्र एवं उनके संस्थापक, और राष्ट्रीय आंदोलन में प्रेस के योगदान जैसे विषय शामिल हैं। नीचे दिए गए लिंक से आप इस अध्याय से संबंधित वर्ग, विषय और वर्षवार प्रश्नों तक पहुँच सकते हैं।
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प्रेस सांस्कृति एवं राष्ट्रवाद Objective
प्रेससंस्कृति एवं राष्ट्रवाद (दीर्घ उत्तरीय) Subjective
प्रेससंस्कृति एवं राष्ट्रवाद (लघु उत्तरीय) Subjective
प्रेस-संस्कृति एवं राष्ट्रवाद: महत्वपूर्ण प्रश्न
बिहार बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं। नीचे कुछ प्रमुख विषयों और संभावित प्रश्नों के प्रकार दिए गए हैं।
मुख्य विषयवस्तु
- भारतीय प्रेस का उदय: 19वीं शताब्दी में भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों का प्रकाशन शुरू हुआ। इन्होंने आम जनता तक राष्ट्रीय विचार पहुँचाए।
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट 1878: इस कानून को 'गैगिंग एक्ट' भी कहा जाता था। ब्रिटिश सरकार ने स्वदेशी प्रेस पर नियंत्रण के लिए इसे लागू किया था।
- राष्ट्रवाद का प्रसार: केसरी, मराठा, अमृत बाजार पत्रिका, हिन्दू, सोम प्रकाश जैसे समाचार पत्रों ने देशभक्ति की भावना फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तैयारी कैसे करें?
वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की तैयारी के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें:
तिथियाँ और कानून: वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) का वर्ष, प्रमुख समाचार पत्रों के शुरू होने का साल याद रखें।
संस्थापक और पत्र: बाल गंगाधर तिलक (केसरी और मराठा), सुरेंद्रनाथ बनर्जी (बंगाली), गोपाल हरी देशमुख (प्रभाकर) जैसे नामों और उनसे जुड़े प्रकाशनों को पहचानें।
प्रश्नों का अभ्यास: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों और मॉडल प्रश्नों का नियमित अभ्यास करते रहें। प्रश्नों के पैटर्न को समझने से परीक्षा में सही उत्तर चुनने में आसानी होगी।
ध्यान देने योग्य बातें
परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न इन क्षेत्रों से आते हैं। समाचार पत्रों के नाम और उनकी भाषा, ब्रिटिश नीतियों का प्रेस पर प्रभाव, और प्रमुख राष्ट्रवादी नेताओं के लेखन से संबंधित प्रश्नों का विशेष रूप से अध्ययन करें। सभी प्रमुख तथ्यों को एक चार्ट बनाकर लिख लें, इससे रिवीजन करने में सहायता मिलेगी।