दो ध्रुवीयता का अंत: Class 12 Bihar Board Objective Questions

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बिहार बोर्ड कक्षा 12: दो ध्रुवीयता का अंत वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बिहार बोर्ड कक्षा 12 के राजनीति विज्ञान विषय के अध्याय 'दो ध्रुवीयता का अंत' के लिए यह पृष्ठ वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) प्रदान करता है। ये प्रश्न परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किए गए हैं।

इस पृष्ठ पर आपको अध्याय से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न मिलेंगे, जो आपकी अवधारणा को मजबूत करने और आत्म-मूल्यांकन में सहायक होंगे। नीचे दिए गए लिंक्स से आप संबंधित श्रेणी, कक्षा और विषय के अन्य संसाधनों तक पहुंच सकते हैं।

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दो ध्रुवीयता का अंत: अध्याय के मुख्य बिंदु

यह अध्याय शीत युद्ध के बाद के विश्व राजनीतिक परिदृश्य में आए बदलावों पर केंद्रित है। सोवियत संघ के विघटन और एकध्रुवीय विश्व के उदय की प्रक्रिया को समझना इसका मुख्य उद्देश्य है।

इन प्रश्नों में शामिल महत्वपूर्ण विषय

  • द्विध्रुवीयता का अर्थ और शीत युद्ध का दौर
  • सोवियत संघ (USSR) के विघटन के कारण
  • मिखाइल गोर्बाचेव के सुधार (पेरेस्त्रोइका और ग्लासनोस्त)
  • सोवियत संघ के विघटन के तत्काल परिणाम
  • स्वतंत्र राज्यों का राष्ट्रमंडल (CIS) का गठन
  • विश्व में अमेरिकी वर्चस्व और एकध्रुवीयता का उदय
  • भारत के संबंधों पर इस घटना का प्रभाव

वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का उपयोग कैसे करें?

पहले अपनी एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से अध्याय को पूरी तरह पढ़ें। उसके बाद इन प्रश्नों को हल करके अपनी तैयारी का आकलन करें। जिन प्रश्नों के उत्तर आपको नहीं आते, उनके संबंधित विषयों को दोबारा पढ़ें। नियमित अभ्यास से आप प्रश्नों के पैटर्न को समझ पाएंगे और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

शीत युद्ध की समाप्ति ने वैश्विक शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल दिया। सोवियत संघ का विघटन केवल एक साम्राज्य का पतन नहीं था, बल्कि एक विचारधारा की समाप्ति थी। इसने पूर्वी यूरोप के देशों को नए सिरे से स्वतंत्र अस्तित्व में आने का अवसर दिया, साथ ही अमेरिका को विश्व की एकमात्र महाशक्ति बना दिया। भारत जैसे विकासशील देशों के लिए भी इसके गंभीर आर्थिक और राजनीतिक परिणाम हुए।

परीक्षा के लिए विशेष टिप्स

इस अध्याय से वस्तुनिष्ठ प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। USSR के विघटन के कारणों और परिणामों को क्रमबद्ध तरीके से याद रखें। 'पेरेस्त्रोइका' और 'ग्लासनोस्त' जैसी शब्दावलियों की परिभाषा और उनके प्रभाव को समझें। विश्व राजनीति में भारत की बदलती भूमिका पर भी ध्यान दें।