Bihar Board Class 12 पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन Objective Questions
Stay connected with BiharBoardBook
Get exam updates, new PDFs, and important notices on the channels students already use.
यह पृष्ठ बिहार बोर्ड कक्षा 12 जीव विज्ञान के अध्याय 'पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन' के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (Objective Questions) के अभ्यास के लिए है। यहाँ आपको परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) मिलेंगे।
नीचे दिए गए लिंक्स से आप संबंधित श्रेणी, कक्षा और विषय के अन्य संसाधनों तक पहुँच सकते हैं।
Browse Bihar Board Class 12th पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन Objective Questions by Chapter
Select a chapter from the options below to access Bihar Board Class 12th पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन Objective Questions for that specific chapter. Each chapter page contains all available questions and study materials.
पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन: महत्वपूर्ण अवधारणाएँ
इस अध्याय में फूलों वाले पौधों में प्रजनन की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाता है। यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है, जिनमें पूर्व-निषेचन, निषेचन और निषेचनोपरांत परिवर्तन शामिल हैं।
पूर्व-निषेचन संरचनाएँ एवं घटनाएँ
पुष्पीय पादपों में लैंगिक प्रजनन का प्रारंभ पुष्प से होता है, जो प्रजनन का मुख्य अंग है।
- पुंकेसर (Stamen): यह नर प्रजनन अंग है जिसमें पुतंतु (Filament) और परागकोष (Anther) होते हैं। परागकोष में लघुबीजाणुजनन (Microsporogenesis) की क्रिया द्वारा परागकण बनते हैं।
- स्त्रीकेसर (Pistil): यह मादा प्रजनन अंग है जिसमें वर्तिकाग्र (Stigma), वर्तिका (Style) और अंडाशय (Ovary) होते हैं। अंडाशय के भीतर बीजांड (Ovule) में गुरुबीजाणुजनन (Megasporogenesis) द्वारा भ्रूणकोष (Embryo Sac) का निर्माण होता है।
परागण एवं द्विनिषेचन
परागकणों का वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण परागण (Pollination) कहलाता है। यह स्व-परागण या पर-परागण हो सकता है।
परागण के बाद द्विनिषेचन (Double Fertilization) की विशिष्ट प्रक्रिया होती है, जो आवृतबीजी पौधों की खासियत है।
- एक नर युग्मक (Male Gamete) अंड कोशिका (Egg Cell) से मिलकर युग्मनज (Zygote) बनाता है।
- दूसरा नर युग्मक दो ध्रुवीय केन्द्रकों (Polar Nuclei) से मिलकर त्रिगुणित (Triploid) भ्रूणपोष (Endosperm) बनाता है।
निषेचनोपरांत परिवर्तन: बीज एवं फल
निषेचन के बाद पौधे के विभिन्न भागों में परिवर्तन होते हैं।
- बीजांड (Ovule) विकसित होकर बीज (Seed) बन जाता है।
- अंडाशय (Ovary) विकसित होकर फल (Fruit) का निर्माण करता है।
- भ्रूणपोष (Endosperm) बीज में भोजन का संग्रह करता है। कुछ बीजों में यह समाप्त हो जाता है, जैसे मटर में। कुछ में बना रहता है, जैसे अरंडी के बीज में।
बिहार बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए उपरोक्त सभी बिंदुओं से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का नियमित अभ्यास आवश्यक है। फूलों के चित्रों (Diagrams) को पहचानना और प्रक्रिया के चरणों को समझना महत्वपूर्ण है।