Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) मुहावरे और लोकोक्तियाँ) Solutions
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| Board Name | Bihar Board of Secondary Education |
| Class | Class 10th |
| Content Type | Solution |
| Solution for | Class 10th students |
| Subject | Hindi (व्याकरण एवं रचना) |
| Chapter Name | मुहावरे और लोकोक्तियाँ) |
| Total Number of Chapter in this Subject | 13 |
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Bihar Board Class 10th Hindi (व्याकरण एवं रचना) मुहावरे और लोकोक्तियाँ) Solutions
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मुहावरे और लोकोक्तियाँ
1. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखिए:
(क) आँखें चुराना
अर्थ: किसी से मिलने या सामना करने से बचना, नज़रें बचाकर चलना।
(ख) कान भरना
अर्थ: किसी के बारे में बुरी बातें कहकर उसके विरुद्ध भड़काना या बिगाड़ना।
(ग) गुड़-गोबर करना
अर्थ: अच्छे काम को भी बुरी तरह से या गलत तरीके से करके बर्बाद कर देना।
(घ) घी के दीए जलाना
अर्थ: बहुत खुशी और उत्साह मनाना, खुशियाँ मनाना।
(ङ) ईद का चाँद होना
अर्थ: बहुत कम दिखाई देना या मिलना, दुर्लभ होना।
2. निम्नलिखित लोकोक्तियों का अर्थ लिखिए:
(क) अंधों में काना राजा
अर्थ: जहाँ सभी अयोग्य या कमजोर हों, वहाँ थोड़ा बेहतर व्यक्ति भी सबसे श्रेष्ठ मान लिया जाता है।
(ख) ऊँट के मुँह में जीरा
अर्थ: बहुत अधिक जरूरत या इच्छा वाले के लिए कोई चीज बहुत कम मात्रा में होना, जिससे कोई फायदा न हो।
(ग) कंगाली में आटा गीला
अर्थ: पहले से ही मुसीबत में हो और उस पर नई समस्या आ जाना।
(घ) चोर-चोर मौसेरे भाई
अर्थ: बुरे काम करने वाले लोग आपस में जल्दी दोस्त बन जाते हैं या मेल-जोल रखते हैं।
(ङ) थोथा चना बाजे घना
अर्थ: जो व्यक्ति खोखला या कम ज्ञान वाला होता है, वह अक्सर ज्यादा शोर मचाता है या दिखावा करता है।
3. निम्नलिखित मुहावरों का वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(क) आँख का तारा
वाक्य प्रयोग: राम अपने माता-पिता की आँख का तारा है, वे उसकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखते हैं।
(ख) कमर कसना
वाक्य प्रयोग: परीक्षा नजदीक आते ही सभी छात्रों ने पढ़ाई के लिए कमर कस ली।
(ग) गागर में सागर भरना
वाक्य प्रयोग: महाकवि तुलसीदास ने अपने दोहों में गागर में सागर भरने का काम किया है।
(घ) घड़ों पानी पड़ना
वाक्य प्रयोग: जब उसका झूठ सबके सामने खुल गया तो उसे घड़ों पानी पड़ गया।
(ङ) ईंट से ईंट बजाना
वाक्य प्रयोग: सेना ने आतंकवादियों के ठिकाने की ईंट से ईंट बजा दी।
4. निम्नलिखित लोकोक्तियों का वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(क) अपनी-अपनी ढपली अपना-अपना राग
वाक्य प्रयोग: उस समिति के सभी सदस्य अपनी-अपनी ढपली अपना-अपना राग अलाप रहे थे, इसलिए कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था।
(ख) ऊँची दुकान फीका पकवान
वाक्य प्रयोग: उस नेता के भाषण में कोई तथ्य नहीं था, यह तो ऊँची दुकान फीका पकवान वाली बात हुई।
(ग) कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेली
वाक्य प्रयोग: पहले यह कॉलेज बहुत प्रतिष्ठित था, अब तो कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेली वाली हालत हो गई है।
(घ) चोर की दाढ़ी में तिनका
वाक्य प्रयोग: पुलिस के पूछते ही उसका घबराना ऐसा लगा जैसे चोर की दाढ़ी में तिनका फंस गया हो।
(ङ) दाल में काला
वाक्य प्रयोग: जब उसने बिना किसी कारण अचानक पैसे माँगे तो मुझे लगा कि दाल में कुछ काला है।
5. निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(क) अक्ल पर पत्थर पड़ना
अर्थ: समझदारी खो देना, बुद्धि का काम न करना।
वाक्य प्रयोग: जब उसने बाजार में सारा पैसा फिजूल खर्च कर दिया तो लगा कि उसकी अक्ल पर पत्थर पड़ गया है।
(ख) आँखों में धूल झोंकना
अर्थ: धोखा देना, छल करना।
वाक्य प्रयोग: बेईमान दुकानदार ने नकली सामान बेचकर ग्राहकों की आँखों में धूल झोंक दी।
(ग) कलेजा मुँह को आना
अर्थ: बहुत अधिक डर लगना या घबराहट होना।
वाक्य प्रयोग: अंधेरी रात में अकेले जंगल से गुजरते समय मेरा कलेजा मुँह को आ रहा था।
(घ) गुदड़ी का लाल
अर्थ: गरीब परिवार में जन्म लेकर भी महान बनने वाला व्यक्ति।
वाक्य प्रयोग: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम एक साधारण परिवार से आकर राष्ट्रपति बने, वे सचमुच गुदड़ी के लाल थे।
(ङ) ईद का चाँद होना
अर्थ: बहुत कम दिखाई देना या मिलना।
वाक्य प्रयोग: परीक्षा के बाद से तो वह दोस्त ईद का चाँद हो गया है, कभी-कभार ही दिखता है।
6. निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच लोकोक्तियों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(क) अंधा क्या चाहे दो आँखें
अर्थ: किसी चीज की कमी वाला व्यक्ति उसी चीज को सबसे अधिक चाहता है।
वाक्य प्रयोग: गरीब बच्चा पढ़ना चाहता है, क्योंकि अंधा क्या चाहे दो आँखें।
(ख) ऊँट चले बाजार, अपनी-अपनी चाल ठीक
अर्थ: हर व्यक्ति अपने ढंग से काम करता है, सबकी अपनी-अपनी विशेषताएँ होती हैं।
वाक्य प्रयोग: सभी छात्र अलग-अलग तरीके से पढ़ते हैं, क्योंकि ऊँट चले बाजार, अपनी-अपनी चाल ठीक।
(ग) कबूतर की तरह आँखें मूंद लेना
अर्थ: खतरे को देखकर भी उससे अनदेखी करना, समस्या से मुँह मोड़ लेना।
वाक्य प्रयोग: पर्यावरण की समस्या से कबूतर की तरह आँखें मूंद लेने से वह हल नहीं होगी।
(घ) चार दिन की चाँदनी फिर अंधेरी रात
अर्थ: थोड़े समय की खुशी के बाद फिर से दुःख आ जाना।
वाक्य प्रयोग: उसकी नौकरी लगने की खुशी चार दिन की चाँदनी ही रही, फिर पिता जी की बीमारी ने अंधेरी रात ला दी।
(ङ) थोथा चना बाजे घना
अर्थ: खोखला या कम ज्ञान वाला व्यक्ति अक्सर ज्यादा शोर मचाता है।
वाक्य प्रयोग: वह बहुत बोलता है लेकिन उसकी बात में कोई तथ्य नहीं होता, सच ही कहा गया है कि थोथा चना बाजे घना।
44. गुदड़ी का लाल(निर्धन परिवार में जब्मा गुणी व्यक्ति)- जय जवान, जय किसान का उद्धोष करने वाले हमारे स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री वास्तव में गुदड़ी के लाल थे।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है एक ऐसा प्रतिभाशाली और गुणी व्यक्ति जो एक गरीब या साधारण परिवार में पैदा हुआ हो।
व्याख्या: जिस प्रकार एक साधारण गुदड़ी (फटे-पुराने कपड़े) में एक कीमती लाल रत्न छिपा हो सकता है, उसी प्रकार एक साधारण या निर्धन परिवार में एक असाधारण प्रतिभा का व्यक्ति पैदा हो सकता है। लालबहादुर शास्त्री जी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, लेकिन उनकी ईमानदारी, सादगी और देशभक्ति ने उन्हें देश के प्रधानमंत्री के पद तक पहुँचाया। इसलिए वे 'गुदड़ी के लाल' कहे जाते हैं।
45. घड़ों पानी पड़ जाना (बहुत शर्मिंदा होना)-अपनी ईमानदारी की बातें करने बाले नेताजी को जब मैंने रिश्वत लेते हुए पकड़ा तो उन पर घड़ों पानी पड़ गया।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है बहुत अधिक लज्जित या शर्मिंदा हो जाना।
व्याख्या: जब कोई व्यक्ति किसी गलत काम या झूठे दावे के बीच पकड़ा जाता है, तो उसे इतनी शर्मिंदगी महसूस होती है जैसे उस पर घड़ों (बहुत सारा) पानी डाल दिया गया हो। उदाहरण में, नेता जो ईमानदारी का दिखावा करता था, वह रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इससे उसकी पोल खुल गई और वह बुरी तरह शर्मसार हो गया।
46. घाव पर नमक छिड़कना (दुखी को और दुखी करना)-वह अबुत्तीर्ण होने के कारण पहले दुखी है, तुम जली-कटी सुनाकर उसके घाव पर नमक छिड़क रहे हो।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी दुखी व्यक्ति के दुख को और बढ़ाने वाली बातें करना या उसे और चोट पहुँचाना।
व्याख्या: जिस प्रकार किसी घाव पर नमक छिड़कने से दर्द और बढ़ जाता है, उसी प्रकार किसी पहले से ही दुखी व्यक्ति को ताने मारना या उसकी समस्या को हल्के में लेना उसके दुख को और गहरा कर देता है। यह एक नकारात्मक और संवेदनहीन व्यवहार है।
47. घी के दिए जलाना(खुशियाँ मनाना)-भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने पर प्रजा ने घी के दिए जलाए थे।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है बहुत खुशी मनाना, उत्सव मनाना या आनंद व्यक्त करना।
व्याख्या: भारतीय संस्कृति में घी का दीया जलाना शुभ माना जाता है और यह खुशी व उत्सव का प्रतीक है। जब भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे, तो पूरी अयोध्या ने खुशी में घी के दीपक जलाकर उनका स्वागत किया। इसलिए किसी बड़ी खुशखबरी या सफलता पर खुशी मनाने के लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।
48. घोड़े बेचकर सोना(निश्चित होना)-दिन-भर थकने के बाद मजदूर रात को घोड़े बेचकर सोते हैं।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है बहुत निश्चिंत होकर सोना या बिना किसी चिंता के आराम करना।
व्याख्या: पुराने समय में घोड़ा एक महत्वपूर्ण और कीमती संपत्ति हुआ करता था। जब कोई व्यक्ति अपना घोड़ा बेच देता था, तो उसे उसकी सुरक्षा या देखभाल की कोई चिंता नहीं रह जाती थी और वह चैन की नींद सो सकता था। इसी तरह, एक मेहनती मजदूर पूरे दिन कड़ी मेहनत करने के बाद थक जाता है और उसे यह निश्चितता होती है कि उसने अपना कर्तव्य पूरा कर लिया है, इसलिए वह बिना किसी फिक्र के गहरी नींद सोता है।
49. चाँद पर थूकना(निर्दोष पर दोष लगाना)-अरे, उस्र संतरमहात्मा पर व्यभिचार का आरोप लगाना चाँद पर थूकना है।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी पवित्र, निर्दोष या सम्मानित व्यक्ति पर झूठा दोष लगाना।
व्याख्या: चाँद साफ, पवित्र और सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। चाँद पर थूकने से थूक थूकने वाले पर ही गिरता है, चाँद पर कोई दाग नहीं लगता। ठीक इसी प्रकार, एक सच्चे संत या महात्मा जैसे निर्दोष व्यक्ति पर झूठा आरोप लगाने से उस व्यक्ति की प्रतिष्ठा को कोई नुकसान नहीं पहुँचता, बल्कि आरोप लगाने वाले की ही इज्जत धूल में मिल जाती है।
50. चिराग तले अंधेरा (महत्त्वपूर्ण स्थान के समीप अपराध या दोष पनपना)-महात्मा जी के साथ रहकर भी चोरी करता है। सच है, चिराग तले अंधेरा होता है।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है कि कभी-कभी बहुत नजदीक या सुरक्षित जगह पर भी बुराई या समस्या पनप सकती है।
व्याख्या: चिराग (दीया) रोशनी फैलाता है और उसके नीचे का क्षेत्र प्रकाशित होता है, लेकिन फिर भी दीये के ठीक नीचे का स्थान सबसे ज्यादा अंधेरा रहता है। इसी तरह, कभी-कभी किसी बहुत अच्छे व्यक्ति के सानिध्य में रहने वाला व्यक्ति भी बुरे काम कर सकता है, या किसी सुरक्षित जगह पर भी अपराध हो सकता है। यह एक आश्चर्यजनक और विरोधाभासी स्थिति को दर्शाता है।
51. चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना (घबरा जाना)-जब चोर ने सामने से आते थानेदार को अपनी ओर लपकते देखा तो उसके चेहरे पर हवाइयाँ उड़ गई।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है अचानक डर या घबराहट के कारण चेहरे का रंग उड़ जाना या बहुत ज्यादा घबरा जाना।
व्याख्या: जब कोई व्यक्ति अचानक किसी डरावनी या चौंकाने वाली स्थिति का सामना करता है, तो उसके चेहरे से खून सा हट जाता है और वह पीला पड़ जाता है। ऐसा लगता है मानो उसके चेहरे की रौनक हवा के साथ उड़ गई हो। उदाहरण में, चोर को पुलिस देखकर इतना डर लगा कि उसका चेहरा फीका पड़ गया और वह घबरा गया।
52. छक्के छुड़ाना (हराना)-भारत ने युद्ध में पक के छक्के छुड़ा दिए।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी को बुरी तरह से हराना या उसकी हालत खराब कर देना।
व्याख्या: यह मुहावरा क्रिकेट से लिया गया है, जहाँ 'छक्का' एक शक्तिशाली शॉट होता है। 'छक्के छुड़ाना' का मतलब है इतनी जोरदार हार देना कि प्रतिद्वंद्वी की सारी ताकत और हौसले टूट जाएँ। उदाहरण में, भारत ने युद्ध में पाकिस्तान को इतनी बुरी तरह हराया कि उसकी हिम्मत टूट गई।
53. छाती पर साँप लोठना (जलना)-मुझे प्रथम आया देखकर मेरी पड़ोसिन की छाती पर साँप लोट गए।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी की सफलता या अच्छी किस्मत देखकर जलन या ईर्ष्या महसूस करना।
व्याख्या: साँप का लोटना (लहराना या रेंगना) एक अशुभ और डरावनी कल्पना है। जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे की तरक्की या खुशी को देखकर जलता है, तो कहा जाता है कि उसकी छाती पर साँप लोट रहे हैं। यह ईर्ष्या की तीव्र भावना को दर्शाता है जो अंदर ही अंदर व्यक्ति को कष्ट देती रहती है।
54. छाती पर मूंग दलना (कष्ट पहुँचाना, सम्मुख अनुचित कार्य करना)-पिता ने नालायक पुत्र को घर से निकाल दिया, फिर भी वह उसी मुहल्ले में रहकर उनकी छाती पर मूंग दलता रहता है।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी को सामने ही दुख पहुँचाना या उसकी भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला काम करना।
व्याख्या: मूंग की दाल कठोर होती है। अगर कोई किसी की छाती पर मूंग दल रहा है, तो इसका मतलब है वह उसे सीधे तौर पर और बार-बार कष्ट दे रहा है। यह एक निर्दयी और अपमानजनक व्यवहार है। उदाहरण में, पुत्र द्वारा पिता के सामने ही उसी मुहल्ले में रहकर गलत काम करना, पिता के लिए सीधा अपमान और दुख का कारण है।
55. छोटा मुँह बड़ी बात (अपनी सीमा से बढ़कर बोलना)-उस भ्रष्टाचारी लाला द्वारा आदर्शों और सिद्धांतों पर दिया गया भाषण छोठा मुँह बड़ी बात है, और कुछ नहीं।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है अपनी हैसियत, योग्यता या स्थिति से बड़ी बात करना या दावा करना।
व्याख्या: जिस प्रकार एक छोटे मुँह से बड़ी वस्तु नहीं निगली जा सकती, उसी प्रकार जो व्यक्ति खुद उन आदर्शों पर नहीं चलता, वह दूसरों को उनकी शिक्षा देने का दावा करे तो यह मुहावरा लागू होता है। यह एक प्रकार का पाखंड या ढोंग है। उदाहरण में, एक भ्रष्ट व्यापारी द्वारा ईमानदारी और सिद्धांतों पर भाषण देना इसका सटीक उदाहरण है।
56. जान पर खेलना (जोखिम उठाना)-आजादी प्राप्त करने के लिए क्रांतिकारी वीर जान पर खेल जाते थे।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है अपनी जान को जोखिम में डालकर कोई काम करना या बहुत बड़ा खतरा मोल लेना।
व्याख्या: यह मुहावरा उस अत्यधिक साहस और बलिदान की भावना को दर्शाता है जब कोई व्यक्ति किसी महान उद्देश्य के लिए अपने प्राणों की भी परवाह नहीं करता। स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अंग्रेजों के सामने डटकर मुकाबला किया, जेल गए और फाँसी पर चढ़ गए। उन्होंने वास्तव में अपनी 'जान पर खेल' कर देश की सेवा की।
57. ठका-सा जवाब देना (साफ इनकार करना) -मुसीबत पड़ने पर मैंने उससे थोड़ी-सी सहायता मांगी तो उसने टका-सा जवाब दे दिया। तब से मेरा दोस्ती का भ्रम टूट गया है।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है साफ, स्पष्ट और बिना किसी हिचकिचाहट के मना कर देना।
व्याख्या: 'टका' एक पुराना सिक्का हुआ करता था जो मजबूत और ठोस होता था। 'टका-सा जवाब' का मतलब है एक ठोस, कड़ा और अटल जवाब। यह इनकार इतना स्पष्ट और तुरंत होता है कि उसमें कोई गुंजाइश या बहस नहीं बचती। ऐसा जवाब अक्सर निराशाजनक होता है और रिश्तों में दरार डाल सकता है।
58. टांग अडाना (व्यर्थ में दखल देना)-अपना काम करो, दूसरों के मामलों में क्यों ठाँग अड़ाते हो?”
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है बिना किसी जरूरत या अधिकार के दूसरे के काम में अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप करना या रुकावट डालना।
व्याख्या: जिस प्रकार किसी के रास्ते में टांग अड़ाने से वह ठोकर खा सकता है या रुक सकता है, उसी प्रकार दूसरे के काम में अनचाहा हस्तक्षेप करने से उसके काम में बाधा आती है। यह एक अवांछनीय और परेशान करने वाला व्यवहार है जो अक्सर झगड़े का कारण बनता है।
59. टोपी उछालना (अपमानित करना) -बड़े-बूढों की टोपी उछालना भले लोगों का काम वहीं है।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी का अपमान करना, उसका मजाक उड़ाना या उसकी इज्जत को ठेस पहुँचाना।
व्याख्या: पुराने समय में टोपी व्यक्ति के सम्मान और पद का प्रतीक हुआ करती थी। किसी की टोपी उछालना या उतार फेंकना उसके सम्मान को ठेस पहुँचाने के बराबर था। आज भी, यह मुहावरा किसी की गरिमा को नीचा दिखाने या उसका मजाक बनाने के अर्थ में प्रयोग किया जाता है। बड़े-बूढ़ों का सम्मान करना चाहिए, उनकी टोपी उछालना नहीं।
60. डींगें हांकना (शेखियाँ जमाना)-उसे आता-जाता कुछ है वहीं, व्यर्थ में डींगे हाँकता
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है अपनी शक्ति, धन या योग्यता का झूठा या अतिरंजित दावा करना, शेखी बघारना।
व्याख्या: जो व्यक्ति वास्तव में कुछ खास नहीं कर पाता, वह अक्सर दूसरों को प्रभावित करने के लिए अपने बारे में झूठी बड़ाई करता है। यह एक अहंकारपूर्ण और खोखला व्यवहार है। ऐसे लोग अपनी कमियों को छिपाने या ध्यान आकर्षित करने के लिए डींगें हाँकते हैं, जबकि वास्तविकता कुछ और होती है।
61. तारे गिनना (व्यग्रता से प्रतीक्षा करना)-प्रेमी अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए तारे गिन रहा है और प्रेमिका को श्रृंगार से फुरसत नहीं।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है बेसब्री से, उत्सुकता से और लंबे समय तक किसी चीज या व्यक्ति की प्रतीक्षा करना।
व्याख्या: जब कोई व्यक्ति किसी से मिलने या किसी घटना के होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा होता है, तो समय बहुत धीरे-धीरे बीतता प्रतीत होता है। ऐसे में वह व्यक्ति रात के आकाश में तारे गिनने लगता है ताकि समय कट जाए। यह मुहावरा प्रतीक्षा की व्याकुलता और उत्सुकता को बहुत सुंदर ढंग से व्यक्त करता है।
62. तिल का ताड बनाना (छोटी-सी बात को बढ़ा देना)-अरे, कुछ बात नहीं है। माँ की तो तिल का ताड़ बनाने की आदत है।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी छोटी-मोटी या साधारण बात को बहुत बड़ा और गंभीर मामला बना देना।
व्याख्या: तिल बहुत छोटा होता है जबकि ताड़ का पेड़ बहुत विशाल होता है। तिल को ताड़ के पेड़ जितना बड़ा बताना अतिशयोक्ति है। इसी तरह, जब कोई व्यक्ति किसी मामूली गलती या घटना को लेकर बहुत ज्यादा हंगामा करता है, शोर मचाता है या उसे गंभीर रूप दे देता है, तो यह मुहावरा प्रयोग किया जाता है। यह अक्सर अनावश्यक चिंता या डराने-धमकाने की नीति को दर्शाता है।
63. तूती बोलना (बहुत प्रभाव होना)-स्वतंत्रता आंदोलन के समय सारे देश में महात्मा गाँधी की तूती बोलती थी।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी की बात का पूरा प्रभाव या दबदबा होना, उसकी आवाज सर्वोपरि होना।
व्याख्या: तोता (तूती) एक ऐसा पक्षी है जो साफ-साफ बोल सकता है और उसकी आवाज सुनाई देती है। जब कहा जाता है कि 'अमुक की तूती बोल रही है', तो इसका मतलब है कि उस समय उसी की बात चल रही है, उसी का प्रभाव है और सब उसी की सुन रहे हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में गाँधी जी के विचार और आह्वान पूरे देश में गूंजते थे और लोग उन्हें मानते थे, इसलिए उनकी तूती बोलती थी।
64. थूक कर चाट जाना (कहकर अपने कथन से हट जाना) -वही व्यक्ति हमारे दिल पर प्रभाव छोड़ पाते हैं, जो अपनी बात पर पक्के रहते हैं। थूक कर चाटने वालों की कोई इज्जत नहीं होती।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है अपनी ही कही हुई बात से पलट जाना या वादा तोड़ देना।
व्याख्या: यह एक बहुत ही नकारात्मक और अविश्वसनीय व्यवहार है। जो व्यक्ति कुछ कहकर या वादा करके बाद में उसे मानने से इनकार कर देता है, उसके बारे में कहा जाता है कि उसने 'थूक कर चाट लिया'। ऐसा करने वाला व्यक्ति समाज में अपनी इज्जत और विश्वसनीयता खो देता है क्योंकि लोग उसकी बातों पर भरोसा नहीं कर पाते।
65. दाँत कटी रोटी होना (पक्की दोस्ती होना)-तुम मोहन और सोहन में फूट नहीं डाल सकते। उनकी तो दाँत कटी रोटी है।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है बहुत पक्की, गहरी और अटूट दोस्ती होना।
व्याख्या: जब रोटी पर दाँत के निशान पड़ जाते हैं, तो उसे दूसरा कोई नहीं खाता। वह रोटी उसी व्यक्ति के लिए होती है। इसी प्रकार, जब दो लोगों की दोस्ती इतनी गहरी हो कि कोई तीसरा व्यक्ति उनके बीच फूट न डाल सके, तो उनकी दोस्ती को 'दाँत कटी रोटी' कहा जाता है। यह दोस्ती में विश्वास, स्थिरता और एकनिष्ठता को दर्शाता है।
66. दाल में कुछ काला (कुछ रहस्य होना)-दाल में कुछ काला है, तभी तो मेरे समीप पहुंचते ही उन्होंने बातें करना बंद कर दी।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी मामले में कुछ छिपा हुआ रहस्य, गड़बड़ी या धोखा होना।
व्याख्या: दाल में कुछ काला (जैसे कोई कंकड़ या कीड़ा) मिला हो तो वह दाल खाने लायक नहीं रह जाती। इसी तरह, जब किसी स्थिति या व्यवहार में कुछ संदेहास्पद या गलत लगे, तो कहा जाता है कि 'दाल में कुछ काला है'। यह आशंका व्यक्त करता है कि सब कुछ सामने जैसा दिख रहा है, वैसा नहीं है, बल्कि पीछे कुछ छिपा हुआ है।
67. दाहिना हाथ (बहुत बड़ा सहायक)-पंडित जवाहरलाल नेहरु महात्मा गाँधी के दाहिने हाथ थे।
अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है किसी का सबसे विश्वसनीय, योग्य और महत्वपूर्ण सहायक या सलाहकार होना।
व्याख्या: अधिकांश लोगों के लिए दाहिना हाथ बायें हाथ से ज्यादा महत्वपूर्ण और काम करने वाला होता है। इसलिए, किसी को 'दाहिना हाथ' कहने का मतलब है कि वह व्यक्ति उतना ही जरूरी और कुशल सहयोगी है जितना कोई अपना दाहिना हाथ। जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्रता आंदोलन में गाँधी जी के सबसे करीब
मुहावरे और लोकोक्तियाँ
1. मुहावरा किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
मुहावरा वह वाक्यांश या शब्द-समूह होता है जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर एक विशेष अर्थ को प्रकट करता है। ये वाक्यांश भाषा को रोचक, प्रभावशाली और सजीव बनाते हैं। इनका शाब्दिक अर्थ नहीं, बल्कि लाक्षणिक अर्थ लिया जाता है।
उदाहरण: "आँखों का तारा" एक मुहावरा है। इसका शाब्दिक अर्थ 'आँख की पुतली' नहीं है, बल्कि इसका विशेष अर्थ है 'बहुत प्यारा व्यक्ति'। जैसे – "राम अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।"
2. लोकोक्ति किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
लोकोक्ति वह पूर्ण वाक्य होती है जो किसी अनुभव, तथ्य या सामान्य ज्ञान को संक्षिप्त और चुटीले ढंग से व्यक्त करती है। ये पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती हैं और जनसाधारण के व्यावहारिक ज्ञान को दर्शाती हैं। ये किसी स्थिति का सटीक वर्णन करने के लिए प्रयोग की जाती हैं।
उदाहरण: "जैसी करनी वैसी भरनी" एक लोकोक्ति है। इसका अर्थ है कि जैसा कर्म व्यक्ति करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है। यह एक सामान्य सत्य को बताती है।
3. मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर स्पष्ट कीजिए।
| आधार | मुहावरा | लोकोक्ति |
|---|---|---|
| प्रकृति | यह एक वाक्यांश होता है, पूरा वाक्य नहीं। | यह एक पूर्ण एवं स्वतंत्र वाक्य होती है। |
| अर्थ | इसका लाक्षणिक अर्थ होता है, शाब्दिक नहीं। | इसका अर्थ सीधा और स्पष्ट होता है, जो एक सामान्य सत्य बताता है। |
| प्रयोग | भाषा को आकर्षक और प्रभावशाली बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। | किसी तथ्य, अनुभव या शिक्षा को संक्षेप में कहने के लिए प्रयोग की जाती है। |
| उदाहरण | "आँखें चुराना" (मिलने से कतराना)। | "अंधेर नगरी चौपट राजा" (जहाँ अन्याय और अव्यवस्था का बोलबाला हो)। |
4. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
(क) आँखों में धूल झोंकना
अर्थ: किसी को धोखा देना या भ्रम में डालना।
वाक्य प्रयोग: बेईमान दुकानदार ने नकली सामान बेचकर ग्राहकों की आँखों में धूल झोंक दी।
(ख) कान भरना
अर्थ: किसी के बारे में बुरी बातें कहकर उसके विरुद्ध भड़काना या उकसाना।
वाक्य प्रयोग: श्याम ने मोहन के कान भर दिए, जिससे वह अपने सबसे अच्छे मित्र से ही झगड़ने लगा।
(ग) घी के दीए जलाना
अर्थ: बहुत खुशी मनाना, उत्सव का वातावरण होना।
वाक्य प्रयोग: बेटे की सफलता की खबर सुनते ही पूरे परिवार में घी के दीए जल उठे।
(घ) दाँत खट्टे करना
अर्थ: हरा देना, पराजित कर देना।
वाक्य प्रयोग: सेमीफाइनल में हमारी टीम ने विरोधी टीम के दाँत खट्टे कर दिए।
5. निम्नलिखित लोकोक्तियों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
(क) अपनी-अपनी ढपली अपना-अपना राग
अर्थ: हर व्यक्ति का अपना-अपना तरीका और स्वार्थ होता है; सब अपनी मनमानी करते हैं।
वाक्य प्रयोग: समिति के सभी सदस्य एकमत नहीं थे, बल्कि अपनी-अपनी ढपली अपना-अपना राग अलाप रहे थे।
(ख) ऊँट के मुँह में जीरा
अर्थ: बहुत अधिक चाहने वाले को बहुत कम मिलना, जो नाकाफी और व्यर्थ हो।
वाक्य प्रयोग: बाढ़ पीड़ितों को दिया गया थोड़ा सा अनाज तो ऊँट के मुँह में जीरे के समान था।
(ग) एक अनार सौ बीमार
अर्थ: एक वस्तु के लिए बहुत सारे इच्छुक लोगों का होना।
वाक्य प्रयोग: कंपनी में केवल एक ही पद रिक्त है और सौ आवेदन आए हैं, सचमुच एक अनार सौ बीमार वाली बात है।
(घ) नाच न जाने आँगन टेढ़ा
अर्थ: अपनी कमी या अयोग्यता को छिपाने के लिए दूसरों को दोष देना।
वाक्य प्रयोग: रोहित परीक्षा में फेल हो गया और अध्यापक को दोष देने लगा, यह तो नाच न जाने आँगन टेढ़ा वाली बात हुई।
6. सही विकल्प चुनिए—
(i) 'घोड़े बेचकर सोना' मुहावरे का सही अर्थ है—
A. घोड़ा बेचना
B. आराम से जीवन बिताना
C. बहुत धनी होना
D. मेहनत करके आराम पाना
उत्तर: (B) आराम से जीवन बिताना। इस मुहावरे का अर्थ है कि किसी ने इतनी कमाई कर ली है कि अब उसे कोई काम नहीं करना पड़ता और वह आराम से जीवन व्यतीत कर रहा है।
(ii) 'हाथ मलना' मुहावरे का सही अर्थ है—
A. हाथ साफ करना
B. पछताना
C. हाथों की मालिश करना
D. स्वागत करना
उत्तर: (B) पछताना। जब कोई अवसर हाथ से निकल जाने पर व्यक्ति निरर्थक पछताता है, तो 'हाथ मलना' मुहावरा प्रयोग होता है।
(iii) 'नौ दो ग्यारह होना' मुहावरे का सही अर्थ है—
A. गणित सीखना
B. भाग जाना
C. समय बर्बाद करना
D. अस्त-व्यस्त हो जाना
उत्तर: (B) भाग जाना। इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी कठिन या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए तेजी से वहाँ से भाग जाता है।
(iv) 'दाल में काला होना' मुहावरे का सही अर्थ है—
A. दाल खराब होना
B. कुछ गड़बड़ होना
C. रंग उड़ना
D. बात छिपाना
उत्तर: (B) कुछ गड़बड़ होना। इस मुहावरे का अर्थ है कि किसी मामले या योजना में कोई छिपी हुई समस्या या धोखा है।
1. 'अपना उल्लू सीधा करना' मुहावरे का अर्थ है-
2. 'आँख का तारा' मुहावरे का सही अर्थ चुनिए-
सही उत्तर है: (क) बहुत प्यारा। 'आँख का तारा' उस व्यक्ति के लिए कहा जाता है जो किसी को अत्यधिक प्रिय हो, जैसे कि आँख की रोशनी। उदाहरण: "राम अपने दादाजी की आँख के तारे हैं।"
3. 'ऊँट की तरह मुँह बनाना' मुहावरे का अर्थ लिखिए।
4. 'कमर कसना' मुहावरे का अर्थ लिखिए।
5. 'गुड़-गुड़ होना' मुहावरे का अर्थ लिखिए।
6. 'चेहरा मुरझा जाना' मुहावरे का अर्थ लिखिए।
7. 'दाँत खट्टे करना' मुहावरे का अर्थ लिखिए।
8. 'नाकों चने चबवाना' मुहावरे का अर्थ लिखिए।
9. 'पगड़ी उछलना' मुहावरे का अर्थ लिखिए।
10. 'फूला न समाना' मुहावरे का अर्थ लिखिए।
50. जंगल में मोर नाचा, किसने देखा।
अर्थ: बिना किसी साक्षी या प्रशंसक के किया गया अच्छा कार्य व्यर्थ है।
व्याख्या: यह मुहावरा उस स्थिति को दर्शाता है जब कोई व्यक्ति बहुत मेहनत या कौशल का प्रदर्शन करता है, लेकिन उसे देखने या सराहना करने वाला कोई नहीं होता। जैसे जंगल में अकेला मोर सुंदर नृत्य करे, पर कोई देखने वाला न हो, तो उसकी सुंदरता व्यर्थ है। इसी तरह, यदि आप किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लेते और अपनी प्रतिभा दुनिया को नहीं दिखाते, तो आपकी योग्यता का कोई मूल्य नहीं रह जाता।
उदाहरण: "तुम इतना अभ्यास करते हो, पर किसी प्रसिद्ध प्रतियोगिता में हिस्सा ही नहीं लेते। जंगल में मोर नाचा, किसने देखा। जरा अपना हुनर सबको दिखाओ।"
51. जल में रहकर मगरमच्छ से बैर।
अर्थ: अपने आश्रयदाता या रक्षक से शत्रुता करना मूर्खता है।
व्याख्या: मगरमच्छ पानी का शक्तिशाली स्वामी है। यदि कोई जल में रहकर ही उससे लड़ाई करे, तो उसकी हार निश्चित है। इसी प्रकार, जो व्यक्ति या संस्था आपको सहारा दे रही है, उसी के साथ झगड़ा करना आत्मघाती सिद्ध होता है, क्योंकि आप उसकी शक्ति के दायरे में ही हैं।
उदाहरण: "प्राचार्य महोदय प्रबंध समिति के विरुद्ध बोल रहे हैं, जबकि वे ही उन्हें नियुक्त करते हैं। यह तो जल में रहकर मगरमच्छ से बैर करने जैसा है, इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा।"
52. जाके पैर न फटे बिवाई, सो क्या जाने पीर पराई।
अर्थ: जिसने स्वयं कष्ट नहीं भोगा, वह दूसरे के दुख को नहीं समझ सकता।
व्याख्या: 'बिवाई' पैरों में पड़ने वाली एक पीड़ादायक दरार को कहते हैं। जिसके पैर में यह कभी नहीं फटी, वह इसके दर्द की गहराई को नहीं जानता। इस लोकोक्ति के माध्यम से कहा गया है कि सुख-सुविधा में पले-बढ़े लोग अक्सर गरीबों और पीड़ितों के संघर्ष को नहीं समझ पाते।
उदाहरण: "वे अमीर लोग गरीबों के लिए सिर्फ खोखले वादे करते हैं। जाके पैर न फटे बिवाई, सो क्या जाने पीर पराई। उन्होंने कभी भूख या तंगहाली नहीं देखी, तो समझेंगे कैसे?"
53. जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोय।
अर्थ: ईश्वर जिसकी रक्षा करता है, उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता।
व्याख्या: यह लोकोक्ति ईश्वरीय कृपा और सुरक्षा पर विश्वास को दर्शाती है। जब ईश्वर किसी की रक्षा करने का संकल्प ले लेता है, तो फिर चाहे कितनी भी बड़ी विपदा क्यों न आए, वह व्यक्ति सुरक्षित रहता है। यह आस्था और धैर्य का संदेश देती है।
उदाहरण: "वह बच्चा ट्रेन से गिर गया था, फिर भी बच गया। यह सचमुच चमत्कार है। सच ही कहा गया है कि जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोय।"
54. जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
अर्थ: शक्तिशाली या ताकतवर व्यक्ति का ही नियम और अधिकार चलता है।
व्याख्या: इस लोकोक्ति में 'लाठी' शक्ति या बल का प्रतीक है और 'भैंस' संपत्ति या लाभ का। जो व्यक्ति शारीरिक, आर्थिक या राजनीतिक रूप से शक्तिशाली है, वही दूसरों पर अपना फैसला थोपकर लाभ उठा लेता है। यह अक्सर अन्यायपूर्ण स्थिति के लिए प्रयोग की जाती है।
उदाहरण: "उसने पैसे और बाहुबल के दम पर चुनाव जीत लिया। देखा आपने? जिसकी लाठी, उसकी भैंस वाली कहावत सच साबित हुई।"
55. जिस पत्तल में खाना, उसी में छेद करना।
अर्थ: अपने हितैषी या सहायक के साथ विश्वासघात करना।
व्याख्या: पत्तल (पत्ते की बनी थाली) में भोजन देने वाला व्यक्ति आपका कल्याण चाहता है। यदि आप उसी पत्तल में छेद कर दें, तो भोजन गिर जाएगा और आपको ही नुकसान होगा। इसी तरह, जो व्यक्ति या संस्था आपकी मदद करती है, उसी के विरुद्ध षड्यंत्र रचना आपके लिए हानिकारक सिद्ध होता है।
उदाहरण: "रामलाल ने तुम्हें नौकरी दिलाई और अब तुम उनकी ही बुराई करते हो? यह तो स्पष्ट जिस पत्तल में खाना, उसी में छेद करना है। यह ठीक नहीं है।"
56. जैसी करनी, वैसी भरनी।
अर्थ: जैसा कर्म करोगे, वैसा ही फल भोगोगे।
व्याख्या: यह लोकोक्ति कर्म के सिद्धांत को सरल शब्दों में व्यक्त करती है। हमारे कार्यों का परिणाम अवश्य मिलता है। अच्छे कर्मों का फल अच्छा और बुरे कर्मों का फल बुरा होता है। यह एक प्राकृतिक नियम है जो जीवन में बार-बार देखने को मिलता है।
उदाहरण: "उसने जीवन भर दूसरों को लूटा और सताया। अब उसके अपने बच्चे ही उसकी संपत्ति हड़प रहे हैं और उसे तंग कर रहे हैं। इसे ही कहते हैं जैसी करनी, वैसी भरनी।"
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